
नमस्कार प्रिय दर्शकों! मैं आपकी ज्योतिष मार्गदर्शक, आचार्य आस्था भारद्वाज।
यदि आपकी राशि मेष राशि (Aries) है और आप नवंबर 2026 में संतान प्राप्ति की आस लगाए बैठे हैं, या कंसीव (Pregnancy Conceive) करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो आज का यह विशेष वीडियो केवल और केवल आपके लिए है।
दर्शकों, कुछ महीने ऐसे होते हैं जो जीवन में एक नई ऊर्जा और बदलाव लेकर आते हैं। नवंबर 2026 उन्हीं में से एक खास महीना है। यदि आप मां या पिता बनने का इंतजार कर रहे हैं और हर बार कोई न कोई रुकावट सामने आ जाती है—डॉक्टर, दवाइयां और पूजा-पाठ के बाद भी मन में एक ही सवाल रहता है कि “आखिर यह सुख हमें कब मिलेगा?”—तो आज हम इसी प्रश्न का उत्तर खोजने का प्रयास करेंगे।याद रखिए, ज्योतिष कोई गारंटी नहीं देती, बल्कि यह एक ‘मैप’ (नक्शा) की तरह है। जैसे एक सही नक्शा आपको सही रास्ता दिखाता है, वैसे ही ग्रहों की चाल आपको सही टाइमिंग और सही उपाय चुनने में मदद करती है। बाकी सब प्रभु की इच्छा पर है। तो चलिए, बिना किसी देरी के जानते हैं कि नवंबर 2026 में ग्रहों की स्थिति क्या कह रही है।
नवंबर 2026 के मुख्य ग्रह गोचर (Major Planetary Transits)
दर्शकों, इस महीने की शुरुआत एक बहुत ही अनयूजुअल और शक्तिशाली ग्रह गोचर के साथ हो रही है:
सूर्य का गोचर: महीने के शुरुआती दिनों में सूर्य देव तुला राशि में नीच के हैं, जिससे आत्मशक्ति और अथॉरिटी थोड़ी दबी हुई महसूस हो सकती है। लेकिन 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जिससे एक शक्तिशाली योग बनेगा।
चंद्रमा की स्थिति: 1 नवंबर को चंद्रमा कर्क राशि में स्वग्रही हैं। मातृत्व, फर्टिलिटी और भावनात्मक तैयारी (Emotional Readiness) का यह कारक महीने की शुरुआत को एक बहुत मजबूत आधार देता है।
गुरु और केतु की युति: देवगुरु बृहस्पति और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। मघा नक्षत्र में बैठे गुरु पूर्वजों की ऊर्जा को सक्रिय करते हैं।
मंगल का गोचर: महीने की शुरुआत में मंगल चौथे भाव में नीच के रहेंगे (12-13 नवंबर तक फ्रस्ट्रेशन का दौर रह सकता है)। इसके बाद मंगल सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जो पूरे महीने का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा।
वक्री बुध: 13 नवंबर तक बुध तुला राशि में वक्री रहेंगे, जिसके कारण डिसीजन पेंडिंग रह सकते हैं या ओवर-अनालिसिस की स्थिति बन सकती है। 13 नवंबर के बाद बुध मार्गी होंगे।
शुक्र की चाल: महीने की शुरुआत में शुक्र तुला में वक्री हैं, 5 नवंबर को कन्या (नीच राशि) में चले जाएंगे, 14 नवंबर को मार्गी होंगे और 22 नवंबर को वापस तुला में लौट आएंगे।
वक्री शनि: मीन राशि में वक्री शनि संतान प्राप्ति में आने वाले कुछ कार्मिक डिले (Karmic Delay) का संकेत देते हैं।
सूर्य-मंगल का राशि परिवर्तन महायोग: 16 नवंबर को सूर्य और मंगल का राशि परिवर्तन होगा—सूर्य वृश्चिक में और मंगल सिंह राशि में जाएंगे। यह लंबे समय से रुकी हुई चीजों को फॉरवर्ड मोमेंटम देगा।
मेष राशि: संतान प्राप्ति योग एवं विशेष स्थितियां
मेष राशि के जातकों के लिए नवंबर 2026 साल का सबसे इंपॉर्टेंट महीना है। इसकी वजह एक नहीं तीन है क्योंकि बृहस्पति आपके पांचवें घर में यानी सिंह राशि में बैठे हैं। पंचम भाव होता है संतान का भाव और संतान के कारक बृहस्पति जब खुद संतान के भाव में बैठ जाए तो इससे बेहतर कॉम्बिनेशन कम ही होता है। दूसरी बात जो आपके लग्नेश हैं वह भी पंचम भाव में आ जाएंगे। लग्नेश और पंचमेश का पंचम भाव में जो युति हो रही है इसको आप समझ सकते हैं कि एक लॉक में सही चाबी का लगना।
लेकिन इससे पहले 1 से 12 नवंबर तक मंगल अपनी नीच राशि यानी आपके चौथे भाव में रहेंगे, इन दिनों घर में तनाव हो सकता है, पार्टनर के साथ फ्रस्ट्रेशन हो सकती है, यह प्लैनेटरी पोजीशन है परमानेंट स्थिति नहीं। तीसरी बात कि जो यह सूर्य-मंगल का राशि परिवर्तन हो रहा है—यानी आपके पंचम भाव और अष्टम भाव का राशि परिवर्तन हो रहा है—तो यह कनेक्शन गहरी ट्रांसफॉर्मेशन और संतान प्राप्ति दोनों को एक साथ ट्रिगर कर सकता है। सप्तम भाव में महीने की शुरुआत में बुध और शुक्र का होना दांपत्य जीवन में कुछ पुराने इश्यूज़ को रिविजिट करा सकता है, लेकिन यह स्थिति 14 तारीख के बाद सेटल होना शुरू हो जाएगी। आपके लिए इस महीने का गोल्डन विंडो है 12 से 22 नवंबर। इन 10 दिनों में डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, इस विंडो को सीरियसली लें और मानसिक रूप से पॉजिटिव रहें।
अचूक ज्योतिषीय उपाय (Astrological Remedies)
- ज्योतिषीय उपाय कोई मैजिक नहीं होता है, यह एक फोकस्ड इंटेंशन होती है, एक डायरेक्शन होता है जो आप अपनी एनर्जी को देते हैं। इस महीने सही दिशा देने के लिए आप क्या कर सकते हैं:
- बृहस्पति के उपाय: गुरुवार का व्रत रखें, केले का प्रसाद चढ़ाएं, पीले वस्त्र पहनें। लेकिन उससे भी ज्यादा इंपॉर्टेंट है किसी गुरु के प्रति, किसी बड़े के प्रति सच्चे मन से कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करना। बृहस्पति ग्रेटट्यूड से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं।
- पितरों का तर्पण: मघा नक्षत्र में बृहस्पति और केतु की युति हो रही है, यह दोनों पूर्वजों की एनर्जी से कनेक्टेड है। अगर संतान प्राप्ति में देरी हो रही है, तो अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध-तर्पण या कम से कम उनकी याद में एक पुण्य कार्य ज़रूर कीजिए।
- सही एक्शन: बुध और शुक्र की अवस्था जब बैक टू बैक मार्गी होगी, तो यह कॉस्मिक ग्रीन सिग्नल है। जो कंसल्टेशन पेंडिंग थी उसे करें, जो ट्रीटमेंट स्टार्ट करनी थी उसे करें। सही टाइम पर राइट एक्शन लें।
आउट्रो और परामर्श (Outro)
प्रिय दर्शकों, नवंबर आपके लिए दो हिस्सों में बंटा है। योग की मजबूती को समझकर सही समय पर सही कदम उठाएं।
विशेष सूचना: मेरे प्रिय दर्शकों, याद रखें कि हर व्यक्ति की कुंडली के ग्रह और उसकी महादशा अलग होती है। यदि आप करियर, विवाह या स्वास्थ्य को लेकर किसी गंभीर उलझन में हैं, तो व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण (Personal Consultation) ही आपको सही मार्ग दिखा सकता है।
फिर मिलेंगे, एक और नई वीडियो के साथ। धन्यवाद! जय माता दी।








