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Sri Sukta Path
September 5, 2026

श्री सूक्त पाठ क्या है? महत्व, लाभ, विधि और पाठ करने का सही समय

सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, समृद्धि, सौभाग्य और मंगल की देवी माना गया है। मां लक्ष्मी की उपासना के लिए अनेक स्तोत्र और मंत्र प्रचलित हैं, जिनमें […]

Kaal Sarp Puja
September 4, 2026

काल सर्प पूजा क्या है? विधि, लाभ, महत्व, मंत्र और कब करनी चाहिए?

काल सर्प दोष मुख्य रूप से राहु और केतु की धुरी से संबंधित ज्योतिषीय स्थिति है। सामान्य रूप से जब कुंडली के सातों प्रमुख ग्रह राहु और केतु के एक ही ओर स्थित होते हैं, तब काल सर्प योग बनने की बात कही जाती है। इसके अलग-अलग रूप राहु की कुंडली में स्थिति के आधार पर बताए जाते हैं।

Navagraha Shanti Puja
September 4, 2026

नवग्रह शांति पूजा क्या है? विधि, लाभ, मंत्र, महत्व और कब करनी चाहिए?

नवग्रह शांति पूजा एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें नौ ग्रहों का विधिपूर्वक पूजन, आवाहन, मंत्र-जाप, अर्घ्य, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और अन्य परंपरागत उपचारों द्वारा सम्मान किया जाता है। कई विधियों में नवग्रह स्तोत्र, ग्रह मंत्र और हवन को भी शामिल किया जाता है। पूजा की पूर्ण विधि स्थान, परंपरा, संप्रदाय, आचार्य और पूजा के उद्देश्य के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए घर पर की जाने वाली सामान्य नवग्रह पूजा और किसी विशेष ग्रह दोष के लिए कराया जाने वाला विस्तृत नवग्रह शांति अनुष्ठान एक जैसा होना आवश्यक नहीं है।

santan gopal pooja
September 4, 2026

संतान गोपाल पूजा क्या है? विधि, मंत्र, लाभ, [ संतान प्राप्ति उपाय ]

सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के अनेक स्वरूपों की उपासना की जाती है। इनमें उनका बाल स्वरूप, जिसे बाल गोपाल या संतान गोपाल के नाम से जाना जाता है, विशेष […]

mahamrityunjay-Mantra-jaap
September 4, 2026

महामृत्युंजय जाप क्या है? मंत्र, अर्थ, विधि, लाभ, [ संपूर्ण जानकारी ]

सनातन धर्म में मंत्र साधना का अपना एक अत्यंत गहरा महत्व है। वैदिक ऋषियों ने मंत्रों को केवल शब्दों का समूह नहीं माना, बल्कि उन्हें ऐसी दिव्य ध्वनि और प्रार्थना […]

rudraabhishek
September 2, 2026

रुद्राभिषेक कब करें? सोमवार, प्रदोष या श्रावण—कौन सा समय माना जाता है विशेष?

रुद्राभिषेक क्यों किया जाता है? जानिए सही समय, पूजा विधि, मंत्र, सामग्री, लाभ और जरूरी नियम। साथ ही समझें कुंडली के अनुसार रुद्राभिषेक कब उचित है।